पहाड़ी मुंडे

गोरे चिट्टे, कद दरम्याने
छोट्टी-छोट्टी दाड़ी ओ
ये मुंडे पहाड़ी ओ ।

पहाड़ी मुंडे बड़े मनमौजी
भर्ती होई के बणदे फौजी
तगड़े गबरू शेरां साई लड़दे
दुश्मने जो दिंदे फाड़ी ओ
ये मुंडे पहाड़ी ओ ।

पहाड़ी मुंडे बड़े ही रंगीन
दो पैग लैणे दे शौकीन
चौड़ी छाती वाईं च दम
कुस्सी ने नी रखदे बगाड़ी ओ
ये मुंडे पहाडी ओ ।

पहाड़ी मुंड़े बड़े ही दलेर
भोलियां शक्लां वव्वर शेर
सारेयां दी इज्जत करदे
गल नी करदे माड़ी ओ
ये मुंड़े पहाड़ी ओ ।

लेखक – बालक राम चौधरी ( हिमाचली)

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